Own Creations
Sunday, December 19, 2010
मस्ताना बचपन
काश मिल जाये वो दोस्त पुराने
लौट आये वोह बचपन प्यारा
स्कुल जाते दो किलो बस्ते क साथ
एक हाथ में टिफ़िन दुसरे में बोटल
ना जाने कब आ गयी ये जवानी
छिन्न गयी हमसे ख्वाहिशें पुरानी
आ गये कॉलज कि गलीयों में
मिला जहाँ अँधेरे में जगमगाता हॉस्टल
Newer Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)